PM Surya Sarovar Yojana क्या है (सूर्य सरोवर योजना 2026) सोलर पैनल जो पानी पर तैरेंगें

Surya Sarovar Yojana 2026 हिंदी में जानकारी : कल नयीदिल्‍ली में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिये एक बड़ा फैसला लिया गया है। यह बैठक प्रधानमंत्री मोदी की अध्‍यक्ष्‍ता में हुई थी। इस बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना को कैबिनेट अपनी मंजूरी दे दी है।

तालाबों-जलाशयों पर तैरते हुए सोलर पैनल पैदा करेंगे बिजली, 5070 करोड़ के प्रोजेक्ट को केंद्र की मंजूरी मिल गयी है। कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्‍णव ने इस बात की जानकारी दी कि सरकार ने PM Surya Sarovar Yojana को मंजूरी दी है।

अब इस योजना के तहत देश के तालाबों, जलाशयों व झीलों की सतह के ऊपर सोलर पैनल लगा कर बिजली उत्‍पादन किया जायेगा। यह योजना सोलर बिजली के क्षेत्र में क्रांतिकारी व मील का पत्‍थर साबित होने जा रही है।

सूर्य सरोवर बिजली योजना 2026 के तहत पूरे देश को 5000 मेगावाट स्‍वच्‍छ बिजली उपलब्‍ध करायेगी। यह बिजली पूरी तरह सरोवरों, तालाबों, जलाशयों तथा झीलों के ऊपर तैरते फ्लोटिंग सोलर के जरिये ही तैयार होगी।

Surya Sarovar Yojana क्‍या है?

Pradhan Mantri Surya Sarovar Yojana in Hindi
सूर्य सरोवर योजना रजिस्‍ट्रेशन

Surya Sarovar Yojana Kya Hai : सूर्य सरोवर योजना देश में बिजली उत्‍पादन को बढ़ाये जाने तथा भविष्‍य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से लागू की गयी है। इस योजना का पूरा नाम प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (PM – SSY) रखा गया है।

इस योजना के तहत फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक प्रोजेक्ट के साथ एनर्जी स्टोरेज प्रणाली विकसित की जाएगी. इस योजना का कुल परिव्यय 5070 करोड़ रुपये रखा गया है. भारत सरकार की यह योजना देश में रिन्‍यूवल एनर्जी की क्षमताओं को बढ़ाने तथा जलवायु परिवर्तन के लक्ष्‍यों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाने जा रही है।

Pradhan Mntri Surya Sarovar Scheme के तहत तालाबों, जलाशयों की सतह का अधिक से अधिक उपयोग करके भूमि की कमी का सामना कर रहे देश को ग्रीन एनर्जी मिशन के तहत 5000 मेगावाट बिजली उपलब्‍ध करना है।

 PM Surya Sarovar Yojana Key Highlights

  • योजना का नाम – प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (PM-SSY)
  • कब लागू हुई – वर्ष 2026 में केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी
  • योजना किसने लागू की – भारत सरकार
  • योजना का संचालन – नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के द्धारा
  • योजना का स्‍टेटस – Active

प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (PM-SSY) के उद्देश्य

PM Surya Sarovar Yojana का मुख्‍य उद्देश्य तालाबों पर तैरते सोलर पैनल से बिजली बनाना है।

जलवायु परिवर्तन में जो तेजी पूरे विश्‍व में देखी जा रही है उसे कंट्रोल करना इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है।

वर्तमान में फ्लोटिंग सोलर की कैपिसिटी मात्र 700 मेगावाट है, जिसे बढ़ा कर 5000 मेगावाट करना है।

पीएम सूर्य सरोवर योजना के जरिये नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ग्रीन ऊर्जा में बढ़ोत्‍तरी करने जा रहा है। जिससे कोयला आधारित बिजली संयंत्रों की संख्‍या को सीमित रखने में बड़ी सहायता मिलेगी।

Also Read :

Benefits of Surya Sarovar Yojana 2026

पीएम सूर्य सरोवर योजना के लाभ इस प्रकार हैं –

1 – इस योजना के तहत देश के जलाशयों, तालाबों की सतह का उपयोग Solar Panal लगाने के लिये किया जायेगा।

2 – देश में बिजली संयंत्र लगाने के लिये भूमि की कमी है, इसलिये तालाबों व सरोवरों की खाली पड़ी सतह का उपयोग बिजली उत्‍पादन के लिये हो सकेगा।

3 – इस योजना के तहत बनने वाली बिजली 5000 मेगावाट होगी।

4 – सूर्य सरोवर योजना के जरिये बनने वाली बिजली ग्रीन एनर्जी होगी जिसकी वजह से पर्यावरण में संतुलन बनाये रखने में सहायता मिलेगी।

5 – तालाबों, सरोवरों, जलाशयों व झीलों की सतह पर बिजली उत्‍पादन किया जायेगा व नीचे मछली पालन, सिंघाड़े की खेती तथा मखाना खेती भी साथ साथ की जा सकेगी।

6 – योजना के तहत 2 घंटे की ऊर्जा भंडारण प्रणाली भी जोड़ी जायेगी, जिसकी क्षमता 10 हजार मेगावाट प्रति घंटा होगी।

7 – सूर्य सरोवर स्‍कीम 2026 के तहत देश में ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में करीब 28 हजार 500 करोड़ रूपये का निवेश किया जायेगा।

8 – फ्लोटिंग सोलर पैनल से बिजली उत्‍पादन क्षमता को 700 मेगावाट से बढ़ाकर 5000 मेगावाट कर दिया जायेगा। जिससे 2030 तक की ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा।

क्‍या PM Surya Sarovar Scheme के तहत सरकार की ओर से आर्थिक सहायता मिलेगी?

Pradhan Mantri Surya Sarovar Scheme के अंतर्गत सरकार फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं को वित्तीय सहायता भी प्रदान करेगी। परियोजना सफलता पूर्वक शुरू होने के बाद प्रति मेगावाट 1 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता उपलब्‍ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्‍त परियोजना शुरू होने से पहले फीजिबिलिटी स्टडी, जोखिम का आकलन तथा पर्यावरणीय प्रभाव के अध्ययन हेतु 50 लाख रुपये तक की अतिरिक्त वित्‍तीय सहायता प्रदान कराई जाएगी। इस आर्थिक सहयोग से परियोजनाओं की बेहतर कार्य योजना बन सकेगी व आने वाली संभावित चुनौतियों का पहले से आकलन किया जा सकेगा।

Also Read :

2030 तक 5000 मेगावाट ग्रीन बिजली का उत्‍पादन के लिये सूर्य सरोवर योजना लक्ष्‍य

वर्ष 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार इस Scheme की कार्य योजना के तहत ग्रीन बिजली उत्‍पादन 5000 मेगावाट तक बढ़ायेगा। यह एक बड़ा लक्ष्‍य है। इस Target को पूरा करने के लिये केंद्र सरकार, राज्‍य सरकारों के साथ मिल कर तालाबों, सरोवरों तथा बांधों पर नयी फ्लोटिंग सोलर पैनल परियोजनायें शुरू करेगीं। जिससे वर्तमान फ्लोटिंग सोलर पैनल क्षमता 700 मेगावाट से बढ़ कर 2030 तक 5 हजार मेगावाट हो जायेगी।

सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर पैनल ऊर्जा केंद्र कहां पर विकसित हो रहा है

देश में सबसे बड़ा  Floating Solar Panel Project मध्यप्रदेश के ओंकारेश्वर Floating Solar Park में विकसित किया जा रहा है। यह 600 मेगावाट क्षमता वाली परियोजना है। जिसका निर्माण साल 2022 में शुरू हुआ था। इसे मध्य प्रदेश सरकार और Solar Energy Corporation of India (SECI) के सहयोग से Develop किया जा रहा है। इस प्रोजेक्‍ट से सरकार को उम्मीद है कि Pradhan Mantri Surya Sarovar Yojana के बाद अन्य राज्यों में भी इसी तरह की बड़ी परियोजनाएं शुरू होंगी।

Pradhan Mantri Surya Sarovar Scheme से देश के आम किसानों तथा नागरिकों को लाभ कैसे मिलेगा?

प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना के तहत जलाशयों/ तालाबों / सरोवरों पर Floating Solar Panel लगाये जायेंगें। जिससे तालाबों के पानी का वाष्‍पीकरण (भाप बन कर उड़ने की समस्‍या) में कमी आयेगी। जिससे तालाबों आदि में साल भर पानी बना रहेगा।

इसके अलावा जलाशयों/ तालाबों / सरोवरों में बिजली उत्‍पादन Floating Solar Panel के जरिये होगा। जिससे तालाब आदि में मछली पालन तथा तालाबों में की जाने वाली अन्‍य कृषि गविविधियों भी की जाती रहेंगीं।

सूर्य सरोवर योजना से भारत में ग्रीन एनर्जी विकसित किये जाने को रफ्तार मिलेगी।

भारत में स्‍वच्‍छ ऊर्जा को लेकर जिस तरह के प्रोजेक्‍ट लाये जा रहे हैं, उसे देखते हुये साफ तौर पर कहा जा सकता है कि भारत वर्ष 2030 तक Floating Solar Panel परियोजना के मामले में दुनिया के चंद उन देशों की लिस्‍ट में अपनी जगह बना लेगा। जो अब तक Floating Solar Panel के जरिये ग्रीन एनर्जी बनाने में अग्रणीं हैं।

योजना के तहत अक्‍सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न (FAQS)

Surya Sarovar Yojana के तहत सरकार के द्धारा कितनी सहायता दी जायेगी?

पीएम सूर्य सरोवर के अनुसार सफल कमीशनिंग के पात्र फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्‍टाइक परियोजनाओं को प्रति मेगावाट 1 करोड़ रूपये की वित्‍तीय सहायता सरकार के द्धारा दी जायेगी। योजना का कुल परिव्‍यय 5070 करोड़ रूपये है।

इस योजना के तहत देश में कुल कितना निवेश होने की उम्‍मीद है?

Surya Sarovar Yojana के तहत 28,500 करोड़ रूपये का निवेश होने की संभावना है।

क्‍या यह योजना भारत के हरित ऊर्जा के लक्ष्‍यों को हासिल कर पायेगी?

जी हां, यह योजना पूरी तरह ग्रीन एनर्जी की भावना पर आधारित है। इसलिये यह भारत के हरित ऊर्जा के लक्ष्‍यों को आसानी से हासिल कर सकती है।

सरकार को देश में फ्लोटिंग सोलर पैनल जैसी बिजली परियोजनायें लागू करने की जरूरत महसूस क्‍यों हुई?

देश में भूमि की कमी को देखते हुये सरकार ने फ्लोटिंग सोलर पैनल आधारित Surya Sarovar Yojana ग्रीन एनर्जी परियोजनाओं की जरूरत महसूस हुई है।

Surya Sarovar Bijli Yojana के तहत प्रोजेक्‍ट कब तक लागू होंगे?

सूर्य सरोवर बिजली योजना के तहत Projects 2026-27 से लेकर 2030-31 तक मंजूर किये जायेंगें।

तो दोस्‍तों यह थी हमारी आज की पोस्‍ट PM Surya Sarovar Yojana क्यार है (सूर्य सरोवर योजना 2026) सोलर पैनल जो पानी पर तैरेंगें यदि आप Surya Sarovar Bijli Yojana Registration के संबंध में कोई अन्‍य प्रश्‍न पूछना चाहते हैं तो आप हमसे कमेंट बॉक्‍स के जरिये पूछ सकते हैं।

Rate this post

Spread the love

Leave a comment