Taxpayer Death होने पर इनकम टैक्स रिटर्न कौन जमा करता है? करदाता की मृत्यु होने पर टैक्स समाधान कैसे करें

Taxpayer Death Hone Par Income Tax Return Kaun Jama Karta Hai : भारत में करदाता की मृत्‍यु होने पर उसका इनकम टैक्‍स रिटर्न ( ITR ) जमा करने की पंरपरा नहीं है। जोकि सरासर गलत है और कानून की दृष्टि में एक बड़ा अपराध भी है।

Kardata Ki Mrityu ( Taxpayer Death ) होने के बाद के बाद भी Income Tax Return File करना अनिवार्य होता है। इसलिये भारतीय आयकर विभाग की गाइडलाइंस तथा नियमों के अनुसार Taxpayer Ki Death होने पर वारिस को आयकर रिटर्न भरना जरूरी है।

भारतीय आयकर कानून के अनुसार यदि किसी वित्‍त वर्ष में किसी की Taxpayer Death हो जाती है, तो भी उसकी कमाई आयकर के दायरे में आती है। इसलिये इनकम मृत करदाता का इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल किया जाना चाहिये।

चूंकि Income Tax एक जटिल प्रक्रिया है। इसलिये आज हम आपको How to File Income Tax Return of Deceased Person in India के बारे में Hindi में विस्‍तार से Important Information देने जा रहे हैं। इसलिये इस पोस्‍ट को अंत तक अवश्‍य पढ़ें ताकि करदाता की मृत्‍यु से संबंधित टैक्‍स समाधान की प्रक्रिया को आसानी से समझा जा सके।

Taxpayer Death होने पर टैक्‍स समाधान किस कानून के तहत किया जाता है?

Taxpayer Death ( Kardata Ki Mrityu Hone Par ITR Kaise Jama Kare
करदाता की मृत्यु होने पर उसका इनकम टैक्स रिटर्न ( ITR )

Who is Responsible to File and Pay Income Tax after Taxpayer Death : भारतीय आयकर कानून 1961 की धारा 159 के अनुसार यदि ऐसे व्‍यक्ति की मौत हो जाती है जो आयकर दाता है।

ऐसे में उसके कानूनी वारिस को टैक्‍स जमा करना अनिवार्य होता है। इसलिये यदि आप यदि करदाता की मृत्‍यु के बाद वारिस की श्रेणीं में आ चुके हैं तो आपको सबसे पहले खुद को Income Tax Department of India के सामने उसका उत्‍तराधिकारी साबित करना होगा।

Taxpayer Death (करदाता की मृत्‍यु) होने पर खुद को कानूनी वारिस कैसे साबित करें?

What if Taxpayer Dies : करदाता न रहे तो क्‍या करें? यह एक बहुत बड़ा सवाल है। लेकिन आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। हम आपको वह सब कुछ बताने वाले हैं जो Taxpayer Death के बाद किया जाना चाहिये।

जब करदता (पिता) की मृत्‍यु हो जाती है, तब सबसे पहले उसके पुत्र / पुत्री जोकि उसका वारिस होता है। को आयकर विभाग के समक्ष खुद को मृतक का कानूनी प्र‍ितिनिधि साबित करना होता है।

इसके लिये जरूरी है कि आप अपने आप को मृतक के कानूनी प्रतिनिधि के रूप में आयकर विभाग में पंजीकृत करायें। पंजीकरण हो जाने के बाद आप मृतक करदाता का टैक्‍स उसकी ओर से दाखिल कर सकते हैं।

मृतक करदाता का कानूनी वारिस मिल जाने के बाद आयकर विभाग कौन सी कार्रवाही करता है?

जब Taxpayer Death के बाद उसका कानूनी वारिस आयकर विभाग को मिल जाता है, तब आयकर विभाग उसे मृतक की ओर से ITR File करने की इजाजत दे देता है।

इसके बाद जब इनकम टैक्‍स रिटर्न दाखिल हो जाता है, तब आयकर विभाग मृतक का खाता हमेशा के लिये बंद कर देता है, तथा उसका पैन नंबर भी रदद कर देता है।

Taxpayer Death (करदाता की मृत्‍यु) होने के बाद वसीयत न होने पर रिटर्न किसे जमा करना चाहिये?

यदि मृतक करदाता ने अपनी मृत्‍यु से पहले वसियत बना रखी है। तो ITR फाइल करना बेहद आसान हो जाता है। लेनि वसीयत न होने पर भारतीय उत्‍तराधिकार अधिनियम के अनुसार परिवार के जिस किसी व्‍यक्ति का मृतक की संपत्ति पर अधिकार होगा, After Taxpayer Death इनकम टैक्‍स रिटर्न भी उसे ही भरना पड़ेगा।

किसी परिवार में मृतक का कानूनी वारिस आमतौर पर मृत करदाता के सबसे निकट संबंधी जैसे पति / पत्‍नी अथवा पुत्र / पुत्री होते हैं।

करदाता की मृत्‍यु होने के बाद आय (Income) की गणना कैसे की जाती है?

भारतीय आयकर कानून के अनुसार वित्‍त वर्ष की शुरूआत होने से लेकर मृत्‍यु तक की आय को मृतक करदाता की आय माना जाता है। इसी के आधार पर आय की गणना की जाती है।

Taxpayer की Death होने से पहले यदि Income Tax Department कोई नोटिस जारी करता है, तो उसके निराकरण की जिम्‍मेदारी किसे वहन करनी पड़ती है?

यदि आयकर विभाग के द्धारा Taxpayer Death के पहले कोई नोटिस जारी करता है, लेकिन नोटिस जारी होने के बाद करदाता व्‍यक्ति की मृत्‍यु हो जाती है। ऐसे में उस नोटिस के निराकरण अथवा नोटिस का जवाब दाखिल करने की जिम्‍मेदारी मृतक के कानूनी वारिस की होती है।

मृतक करदाता का ITR Refund किसके खाते में आता है?

जब Mritak Kardata का वारिस आईटीआर दाखिल कर देता है, तो आयकर विभाग के द्धारा भेजा जाने वाला रिफंड मृत Taxpayer के खाते में आता है।

ITR Refund आ जाने के बाद कानूनी वारिस बैंकिंग प्रक्रिया के आधार पर उसे प्राप्‍त कर उस रकम का उपयोग भी कर सकता है।

क्‍या मृत पिता (करदाता) की आय को अपनी कमाई में जोड़ा जा सकता है?

बहुत से लोग ऐसा सोचते हैं, कि पिता तो अब रहे नहीं, क्‍यों न उनकी आय को अपनी आय में जोड़ कर इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल कर दें।

दोस्‍तों, ऐसा करना पूरी तरह गलत है। रिटर्न भरते समय बेटा अपने मृत करदाता (पिता) की आय को अपनी आय में शामिल नहीं कर सकता है। क्‍योंकि कानूनी रूप से यह एक गलत प्रक्रिया है। ऐसा करने पर आप दंड के भागी भी हो सकते हैं।

बेहतर यही है कि आप खुद को मृतक का कानूनी वारिस के रूप में पंजीकृत करायें और फिर निर्धारित प्रक्रिया के बाद ही ITR फाइल करें।

करदाता की मृत्‍यु के बाद वारिस रजिस्‍टर कराने के लिये जरूरी दस्‍तावेजों की सूची

  • बैंक स्‍टेटमेंट की छायाप्रति
  • मृतक द्धारा किये गये निवेश से संबंधित दस्‍तावेजों की छायाप्रति
  • मृत्‍यु प्रमाणपत्र
  • मृत करदाता का पैनकार्ड
  • कानूनी वारिस का स्‍वप्रमाणित पैनकार्ड की छायाप्रति

After Taxpayer Death खुद को वारिस के रूप में Register कैसे करें?

Taxpayer Death के बाद प्रत्‍येक कानूनी वारिस को आयकर विभाग की आधिकारिव वेबसाइट incometaxindiaefiling.gov.in पर जाकर नया पंजीकरण कराना होगा।

  • वारिस के रूप में रजिस्‍टर कराने के लिये आप इस लिंक पर भी Click कर सकते हैं
  • ऊपर दिये गये लिंक पर क्लिक करते ही आप आयकर विभाग के आधिकारिक वेब पोर्टल E-Filing के Home Page पर पहुंच जाते हैं।
  • यहां आपको Right Side में New to e-filing का एक Option दिखाई देगा।
  • आप यहां रजिस्‍टर Yourself पर Click करें।
  • इसके बाद आप My Account Section जायें तथा Register as Legal Heir को Select करें।
  • अब Request Type में New Request का चुनाव करें।
  • अब ऑनलाइन फार्म भरें तथा दस्‍तावेजों को अपलोड करके सबमिट बटन पर क्लिक करें।
  • इतना करते ही आपकी Request आयकर विभाग के पास चली जाती है। जिसके बाद आपके Application Form की जांच की जाती है।
  • जांच में सब कुछ सही पाये जाने के बाद Income Tax Department of India के द्धारा आपको ईमेल अथवा SMS के द्धारा आपकी Request स्‍वीकृत अथवा अस्‍वीकृत किये जाने की सूचना भेजी जाती है।

मृतक करदाता का ITR File कैसे करें?

  • सबसे पहले आप इनकम टैक्‍स विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जायें।
  • इसके बाद आप मृत करदाता के ID – Password की सहायता से Login करें।
  • ई-फाइल टैब पर Click करके Income Tax Return के विकल्‍प का चयन करें।
  • फिर संबंधित ITR Form को Select करके IT Return तैयार करें। इसके बाद आपके द्धारा तैयार किये गये रिटर्न को Preview and Submit पर क्लिक करके सत्‍यापित कराना है।
  • इतना करते ही आपके मोबाइल नंबर पर एक OTP करता है, आप इसके द्धारा सत्‍यापित करते हुये मृतक करदाता का टैक्‍स रिटर्न फाइल कर दें।

तो दोस्‍तों यह थी हमारी आज की पोस्‍ट Taxpayer Death होने पर इनकम टैक्‍स रिटर्न कौन जमा करता है? करदाता की मृत्‍यु होने पर टैक्‍स समाधान कैसे करें यदि आप After Death Income Tax Process in Hindi, How do I File a Tax Return for a Deceased Person से संबंधित कोई अन्‍य प्रश्‍न पूछना चा‍हते हैं, तो आप हमसें कमेंट बॉक्‍स के जरिये पूछ सकते हैं।

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2 thoughts on “Taxpayer Death होने पर इनकम टैक्स रिटर्न कौन जमा करता है? करदाता की मृत्यु होने पर टैक्स समाधान कैसे करें”

  1. एक महत्वपूर्ण जानकारी है। आयकर विभाग की कार्य प्रणाली की जटिलता की वजह से आयकर दाता हमेशा परेशान रहते हैं।
    धन्यवाद

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  2. आयकर दाताओं के लिए महत्वपूर्ण सूचना है।आयकर विभाग की तमाम जटिलताओं के बीच आयकर दाता जागरूक हो सकेंगे।

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