मध्यप्रदेश राजस्थान में Sarpanch Kaise Bane ? सरपंच का चुनाव कैसे लड़ें?

Sarpanch Kaise Bane in Rajasthan and Madhyapradesh 2020 : दोस्‍तों इन दिनों राजस्‍थान, छत्‍तीसगढ़ और मध्‍यप्रदेश में Sarpanch Chunav चल रहे हैं। इसलिये आज हम आपके लिये Sarpanch Election 2020 Rajasthan तथा Sarpanch Chunav 2020 MP के संदर्भ में बहुत ही उपयोगी पोस्‍ट लेकर उपस्थित हुये हैं।

जैसा कि हम सब जानते हैं कि सरपंच का चुनाव ग्राम पंचायत चुनावों का एक हिस्‍सा होता है। इसे आप ग्रामीण स्‍तर की सरकार भी कह कर पुकार सकते हैं।

ग्राम पंचायत चुनावों में सरपंच तथा पंचों को ग्रामीण जनता अपना वोट देकर चुनती है। ठीक वैसे ही जैसे अन्‍य चुनावों में वोट डाल कर अपने जन प्रति‍निधियों को चुना जाता है।

मध्‍यप्रदेश और राजस्‍थान में Sarpanch का पद बहुत सम्‍मानीय माना जाता है। इसलिये इन राज्‍यों में अधिकांश लोग सरपंच बनना चाहते हैं। इसलिये आज हम आपको Sarpanch Kaise Bane की जानकारी विस्‍तार से देने जा रहे हैं।

Sarpanch क्‍या होता है? सरपंच किसे कहते हैं? सरपंच क्‍या है?

सरपंच चुनाव लड़ने के लिये लोगों को सबसे पहले पर्चा भरना पड़ता है। जिसके लिये आपके पास कुछ दस्तावेजों का होना बेहद जरूरी है। इन दस्तावेजों की पूरी सूची नीचे दी जा रही है, कृप्या Sarpanch banne ke liye documents के बारे में ध्यान से पढ़ें।
फोटो साभार : नईदुनिया

What is Sarpanch in Hindi : भारत में पंचायती राज व्‍यवस्‍था लागू है। इस पंचायती राज व्‍यवस्‍था के तहत ग्रामीण स्‍तर तक सरकारों का गठन किया जाता है।

किसी भी ग्राम पंचायत के प्रमुख को सरपंच कहा जाता है। यानि ग्रामीण स्‍तर पर गठित विधिक संस्‍था का सबसे प्रमुख व्‍यक्ति सरपंच ही होता है। यह व्‍यक्ति ग्रामीण स्‍तर पर लिये जाने वाले निर्णयों तथा नीतियां निर्मांण करने के लिये जिम्‍मेदार माना जाता है।

देश के कुछ अन्‍य राज्‍यों में Sarpanch को कुछ अलग अलग नाम से भी पुकारा जाता है। लेकिन कार्य सभी के समान ही होते हैं। यह ग्रामीण स्‍तर पर मौजूद सभी पंचों का प्रधान होता है।

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Sarpanch Chunav 2020 की प्रक्रिया इस समय कहां कहां चल रही है?

Know More : इस समय सरपंच चुनाव मध्‍यप्रदेश, छत्‍तीसगढ़ तथा राजस्‍थान में आयोजित किये जा रहे हैं। विगत 17 जनवरी 2020 से ग्रम पंचायत चुनावों के तहत एमपी तथा राजस्‍थान में वोट डाले जा रहे हैं।

इन चुनावों का अंतिम चरण 29 जनवरी 2020 को संपन्‍न हो चुका है। इसके बाद वोटों की गिनती की जाएगी। जिसके बाद ही विजेताओं की घोषणा होगी।

Sarpanch बनने के लिये जरूरी योग्‍यता

  • पंचायत चुनाव लड़ने के इच्‍छुक व्‍यक्तियों के 2 से अधिक बच्‍चे नहीं होने चाहिये।
  • आवेदक अनिवार्य रूप से भारतीय नागरिक होना चाहिये।
  • सरपंच बनने के लिये आवेदक की आयु कम से कम 21 वर्ष अवश्‍य होनी चाहिये।
  • मध्‍यप्रदेश तथा राजस्‍थान में सरकारी सेवा में रत कर्मचारी ग्राम पंचायत चुनाव लड़ने के योग्‍य नहीं माने जाते हैं।
  • सरपंच का चुनाव लड़ने वाले व्‍यक्तियों को पंचायत स्‍तर पर निर्धारित जमानत राशि भरनी पड़ती है। इसलिये जो आवेदक जमानत राशि भरने में सक्षम हैं, वह चुनाव लड़ने के योग्‍य माने जाते हैं।
  • सरपंच बनने के लिये किसी व्‍यक्ति का पढ़ा लिखा होना जरूरी नहीं है। लेकिन कई राज्‍यों में 8वीं कक्षा उत्‍तीर्णं होना अनिवार्य है।
  • वर्ष 2014 में राजस्‍थान में पंचायती राज अधिनियम की धारा 19 में संशोधन किया गया है। जिसके बाद राजस्‍थान में सरपंच बनने के लिये 8वीं कक्षा उत्‍तीर्णं होना अनिवार्य कर दिया गया है।
  • नये बदलाव के तहत राजस्‍थान में आदिवासी बहुल इलाकों में सरपंच बनने के लिये 5वीं कक्षा उत्‍तीर्णं करना जरूरी है।
  • चुनाव लड़ने के इच्‍छुक व्‍यक्ति अपनी संपत्ति का पूरा ब्‍यौरा देकर अपनी योग्‍यता इन चुनावों के लिये साबित कर सकते हैं।
  • Sarpanch का चुनाव लड़ने के लिये वही व्‍यक्ति योग्‍य माना जाता है, जिसका नाम ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में दर्ज होता है।

Sarpanch Chunav लड़ने के लिये कौन कौन से दस्‍तावेजों की जरूरत पड़ती है?

Documents Required for Sarpanch Election 2020 in MP & Rajasthan : दोस्‍तों सरपंच चुनाव लड़ने के लिये लोगों को सबसे पहले पर्चा भरना पड़ता है। जिसके लिये आपके पास कुछ दस्‍तावेजों का होना बेहद जरूरी है। इन दस्‍तावेजों की पूरी सूची नीचे दी जा रही है, कृप्‍या Sarpanch banne ke liye documents के बारे में ध्‍यान से पढ़ें।

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Educational Certificate

जिन राज्‍यों में ग्राम पंचायत चुनाव लड़ने के लिये व्‍यक्ति का शिक्षित होना जरूरी है। उन राज्‍यों में आपको शैक्षणिक प्रमाण पत्र संलंग्‍न करना होगा।

अदेय प्रमाण पत्र (NOC)

चुनाव का पर्चा भरते समय आपको अपना अदेय प्रमाण पत्र (NOC) देना जरूरी होता है। जिससे पता चल सके कि आपकी पंचायती राज संस्‍थाओं पर किसी प्रकार की कोई बकाया राशि तो नहीं है।

Caste Certificate

आपको अपना जाति प्रमाण पत्र भी पर्चा दाखिल करते समय देना होता है। यह प्रमाण पत्र तब और अधिक महत्‍वपूर्णं हो जाता है, जब आप ग्राम पंचायत की सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ रहे हों।

शौचालय होने का शपथ पत्र

कुछ राज्‍यों में सरपंच का चुनाव लड़ने के लिये घर में शौचालय होने का शपथ पत्र देना होता है।

सांख्‍यकीय सूचना प्रपत्र

कुछ राज्‍यो में इसे देना जरूरी होता है। सांख्‍यकीय सूचना प्रपत्र के जरिये चुनाव लड़ने के इच्‍छुक व्‍यक्ति से कुछ सामान्‍य सूचनायें मांगी जाती है। जिन्‍हें देना पड़ता है। किंतु कुछ राज्‍यों में यदि इस फार्म को संलंग्‍न न किया जाये तो आपका पर्चा खारिज नहीं किया जाएगा।

जमानत राशि

देश के सभी राज्‍यों में सरपंच का चुनाव अथवा ग्राम पंचायत का कोई भी चुनाव लड़ने के लिये प्रत्‍याशी को जमानत राशि देनी पड़ती है। अलग अलग राज्‍यों में जमानत राशि भिन्‍न भिन्‍न हो सकती है।

आधार कार्ड

आधार कार्ड की व्‍यवस्‍था लांच होने के बाद से इसकी फोटो कॉपी देना भी जरूरी हो चुका है। यदि आधार कार्ड नहीं है, तो कोई अन्‍य पहचान पत्र भी दिया जा सकता है।

पैन कार्ड

सरपंच का चुनाव लड़ने के लिये कुछ राज्‍यों में PANCARD की छाया प्रति देनी होती है।

आय प्रमाण पत्र

सरपंच का इलेक्‍शन लड़ने के लिये आपको आय प्रमाण पत्र भी संलंग्‍न करना पड़ता है।

मूल निवास प्रमाण पत्र

सरपंच का चुनाव लड़ने के लिये आपको उस राज्‍य का मूल निवास प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा। जिस राज्‍य से आप चुनाव लड़ने जा रहे हैं।

पुलिस के द्धारा जारी चरित्र प्रमाण पत्र

यदि आप सरपंच का चुनाव लड़ने जा रहे हैं, तो आप पुलिस विभाग में जाकर अपने लिये चरित्र प्रमाण पत्र अवश्‍य जारी करवा लें।

मतदाता पहचान पत्र

चूंकि आप चुनावी राजनीति में कदम रखने जा रहे हैं, ऐसे में आपके पास अपना स्‍वयं का मतदाता पहचान पत्र होना जरूरी है।

सरपंच के मुख्‍य कार्य क्‍या होते हैं? Sarpanch Ke Karya

प्रत्‍येक गांव के चुने गये सरपंच को कुछ काम अनिवार्य रूप से करने होते हैं। इन कामों की जानकारी आपको विस्‍तार से नीचे दी जा रही है। Gram Panchayat Detail in Hindi

अपने गांव में सिंचाई के साधनों का विकास करना

Sarpanch का मुख्‍य काम अपने गांव में सिंचाई के साधन जैसे टयूबबेल लगवाना तथा नहरों की नालियों आदि में फंसें कचरे को साफ करवाना होता है।

पशुपालकों के हित में योजनायें बनाना तथा उससे संबंधित निर्णंय लेना

Gram Panchayat Work List : सरपंचों को अपने गांव में पशु पालन को बढ़ावा देना होता है। साथ ही पशुपालकों के लिये लांच की गयी सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाना होता है।

पशुओं के पीने के लिये पानी की व्‍यवस्‍था करना

सरपंच अपने अपने गांव में पशुओं के पीने के लिये साफ पानी की व्‍यवस्‍था भी करते हैं। इसके लिये जगह जगह चरी व नरी का निर्मांण भी कराया जाता है।

गांव में साफ सफाई कराना

सरपंच के ऊपर अपने गांव में स्‍वच्‍छता बनाये रखने का उत्‍तरदायित्‍व भी होता है।

गांव में जगह जगह लाइट लगवाना

सरपंच का काम अपने गांव में लाइट लगवाना भी होता है। इसके लिये वह ग्राम पंचायत फंड से लाइटस की व्‍यवस्‍था करता है।

केंद्रीय तथा राज्‍य सरकारों की कृषि योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाना

Gram Panchayat Ke Karya Ka Vivran : सरपंच अपने गांव में केंद्रीय तथा राज्‍य सरकारों के द्धारा संचालित सभी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाता है तथा कृषि कार्यक्रमों का आयोजन करने के साथ साथ उसमें अपनी भागीदारी भी करता है।

प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा देना

सरपंच का यह दायित्‍व होता है कि उसके गांव में कोई भी बच्‍चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसलिये वह प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा देने के मकसद से गांव स्‍तर पर ही कार्यक्रमों का संचालन करता है।

गांवों में सड़कों तथा गलियों का निर्मांण करना

गांव में अच्‍छी व मजबूत गलियों व सड़कों का निर्मांण करना Sarpanch का बड़ा उत्‍तरदायित्‍व होता है।

गांव में आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन सुनिश्चित करना

सरपंच बनने के बाद व्‍यक्ति को यह भी देखना होता है कि उसके गांव में आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन विधिवत रूप से हो रहा है अथवा नहीं।

Sarpanch बनने के लिये कुछ राज्‍यों में शैक्षिक योग्‍यता अनिवार्य क्‍यों की गयी है?

  • सरपंच बनने के लिये शैक्षिक योग्‍यता अनिवार्य करने की पीछे एक तर्क यह भी है कि एक पढ़ा लिखा सरपंच ही अपने गांव में योजनाओं का क्रियान्‍वयन ठीक ढंग से कर सकता है।
  • ग्राम पंचायत स्‍तर पर वित्‍तीय लेन देन से संबंधित चेक Sarpanch, प्रधान तथा जिला प्रमुख के हस्‍ताक्षर से ही जारी होते हैं। ऐसे में चेक पर अंगूठा लगाना शोभा नहीं देता है।
  • एक पढ़ा लिखा सरपंच सभी दस्‍तावेजों को अच्‍छी तरह पढ़ने के बाद ही अपने हस्‍ताक्षर करता है।
  • पढ़े लिखे सरपंच ग्राम पंचायत में होने वाली बैठकों की प्रोसेडिंग अच्‍छी तरह से समझ सकते हैं तथा उन पर अपनी टिप्‍पणियां लिख सकते हैं तथा संबंधित आदेश भी लिखित रूप से जारी कर सकते हैं।
  • अंगूठा टेक सरपंच से बेहतर है एक पढ़ा लिखा Sarpanch, इसलिये नये नियम लागू हो जाने के बाद अशिक्षित लोगों का स्‍थान पढ़े लिखें लोगों के द्धारा लिया जाना तय होगा।

Sarpanch का Chunav कितने वर्ष में होता है?

भारत में सरपंच का चुनाव प्रत्‍येक 5 साल में एक बार होता है। जिसमें बड़ी संख्‍या में ग्रामीण चुनाव लड़ कर अपना भाग्‍य आजमाते हैं।

Sarpanch Kaise Bane

दोस्‍तों पूरी पोस्‍ट पढ़ने के बाद अब यह प्रश्‍न भी उठता है कि Sarpanch Kaise Bane तो चलिये इसका पूरा Process हम आपको बहुत ही आसान शब्‍दों में बताते हैं।

यदि आप अपने गांव का सरंपच बनना चाहते हैं तो इसके लिये आपको ग्राम पंचायत चुनावों की घोषणा होने के बाद आप सरपंची का पर्चा निर्वाचन कार्यालय से प्राप्‍त करें और फिर पर्चा भर कर अंतिम तिथि से पूर्व अपना पर्चा सभी जरूरी Documents को संलंग्‍न करने के बाद जमा कर दें। यदि आपका पर्चा स्‍वीकृत कर लिया जाता है। तो आप चुनाव लड़ पायेंगें तथा जीत कर सरपंच भी बन जाएंगें।

Sarpanch Ka Chunav Kaise Lade?

सरपंची का पर्चा दाखिल कर देने के बाद आपको सिर्फ पूरे गांव में चुनाव प्रचार करना है और अपनी नीतियों और जिन कामों को आप चुनाव जीतने के बाद पूरा करेंगें, उनकी जानकारी ग्रामीणों को देनी है। यदि आपकी बात से लोग प्रभावित होते हैं, तो वोट भी आपको ही देंगें। लेकिन किसी को रूपये पैसे देकर वोट खरीदने का प्रयास न करें। इसमें लाभ कम और नुकसान ज्‍यादा है इसलिये Chance Na Lo

तो दोस्‍तों यह थी हमारी आज की पोस्‍ट Rajasthan Madhyapredesh Me Sarpanch Kaise Bane यदि आप Sarpanch Ka Chunav Kaise Lade? अथवा Gram Panchayat Ke Karya Ka Vivran से संबंधित कोई अन्‍य प्रश्‍न पूछना चाहते हैं तो आप हमसें कमेंट बॉक्‍स के जरिये पूछ सकते हैं।

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2 thoughts on “मध्यप्रदेश राजस्थान में Sarpanch Kaise Bane ? सरपंच का चुनाव कैसे लड़ें?”

  1. जागरूकता के लिये अभियान निरन्तर चलना चाहिए। ग्रामीण भारत में आज भी लोग यह नहीं जानते किस तरह हम चुनावी तैयारी करें

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